आज और कल
सामान्य परिदृश्य में "आज" को विशेष महत्व दिया जाता है, लेकिन "कल" की भी अपनी अलग खासियत है। आज सिर्फ आज के लिए ही है और ये आज आज ही खत्म हो जायेगा, लेकिन कल हमेशा आयेगा और ये कल ही हमे जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है! ठीक वैसे ही जैसे हर ढलती हुई शाम के बाद आशा की एक नई किरण लेकर सवेरा आता है।
याद रखिये, आज सिर्फ आज तक ही सीमित है, लेकिन जो कल है वो कल भी आयेगा और उस कल के बाद एक नया कल भी आयेगा और ये क्रम यूँ ही चलता रहेगा। परंतु आज कभी नहीं आयेगा।
हम सब भले ही आज को विशेष महत्व देते हैं, लेकिन वास्तव में हम कल के लिए जीते हैं और इसी आने वाले कल को बेहतर बनाने के लिए आज से संघर्ष करते हैं।
याद रखिये, आज सिर्फ आज तक ही सीमित है, लेकिन जो कल है वो कल भी आयेगा और उस कल के बाद एक नया कल भी आयेगा और ये क्रम यूँ ही चलता रहेगा। परंतु आज कभी नहीं आयेगा।
हम सब भले ही आज को विशेष महत्व देते हैं, लेकिन वास्तव में हम कल के लिए जीते हैं और इसी आने वाले कल को बेहतर बनाने के लिए आज से संघर्ष करते हैं।
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